नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘वंदे मातरम’ को लेकर कांग्रेस पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 1937 में मुस्लिम लीग के दबाव में कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण नहीं गाने का फैसला किया था और आज भी कांग्रेस की मानसिकता में कोई बदलाव नहीं आया है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह बेहद अफसोस की बात है कि कांग्रेस की ‘लीग जैसी मानसिकता’ आज भी कायम है। उन्होंने कांग्रेस के हालिया फैसले को इसी सोच से जोड़ते हुए पार्टी पर सवाल खड़े किए।
‘कांग्रेस की मानसिकता आज भी नहीं बदली’
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 1937 में कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के दबाव में ‘वंदे मातरम’ के पूरे संस्करण को नहीं गाने का फैसला किया था। उनके मुताबिक, इतने वर्षों बाद भी कांग्रेस का रवैया नहीं बदला है।
उन्होंने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत को लेकर राजनीतिक समझौते करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े इस गीत के सम्मान को किसी भी राजनीतिक दबाव से प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।
‘वंदे मातरम’ को लेकर सियासत तेज
दरअसल, कांग्रेस कार्य समिति (CWC) के ‘वंदे मातरम’ को लेकर लिए गए फैसले के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने अपने कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के पहले दो छंद गाने का निर्णय लिया है।
भाजपा नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस का यह फैसला राष्ट्रगीत के सम्मान के खिलाफ है, जबकि कांग्रेस इसे 1937 में लिए गए अपने पुराने प्रस्ताव और परंपरा के अनुरूप बता रही है। ‘वंदे मातरम’ को लेकर जारी इस राजनीतिक विवाद में अब शिवराज सिंह चौहान के बयान के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर अपना हमला और तेज कर दिया है।




