July 29, 2026 |

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Ram Temple Donation Controversy: राम मंदिर चढ़ावा विवाद में बड़ा घटनाक्रम, महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा

Ram Temple Donation Controversy: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।

Namaskar Madhya Pradesh

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Ram Temple Donation Controversy: अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा विवाद में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि दोनों ने नैतिक आधार पर यह फैसला लिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब चढ़ावा प्रबंधन में कथित अनियमितताओं की जांच के बीच विशेष जांच दल (SIT) की कार्रवाई तेज हो गई है।

हालांकि अब तक दर्ज एफआईआर में चंपत राय और अनिल मिश्रा के नाम शामिल नहीं हैं, लेकिन इस्तीफे के बाद जांच का दायरा और व्यापक होने की संभावना जताई जा रही है। इस मामले में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी कहा है कि कोई भी व्यक्ति जांच के दायरे से बाहर नहीं होना चाहिए और यदि आवश्यकता हो तो ट्रस्ट के पदाधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

इस बीच एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है। रिपोर्ट में चढ़ावे की निगरानी व्यवस्था में कमियां और निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के प्रभावी पालन में लापरवाही की बात सामने आई है। इसी मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।

गिरफ्तार आरोपियों में चंपत राय के करीबी बताए जाने वाले रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, उनका भतीजा मनीष यादव, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा तथा कैश काउंटिंग की निगरानी की जिम्मेदारी संभालने वाले सुभाष श्रीवास्तव सहित कुल आठ लोग शामिल हैं। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क और चढ़ावा प्रबंधन की प्रक्रिया की भी पड़ताल कर रही हैं।

उधर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले में सख्त रुख अपनाया है। देवरिया में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि जनआस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि एसआईटी की रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई होगी और अब वह कार्रवाई शुरू हो चुकी है। उन्होंने दोहराया कि मामले में शामिल प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी छूट नहीं मिलेगी।

चंपत राय लंबे समय से राम मंदिर आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहे हैं। उनका जन्म वर्ष 1946 में उत्तर प्रदेश के बिजनौर में हुआ था। वे पहले रसायन विज्ञान के प्राध्यापक रहे और बाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक बने। वे 1980 के दशक से राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े रहे और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव के रूप में मंदिर निर्माण और प्रबंधन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद अब पूरे मामले की जांच और ट्रस्ट की आगे की कार्यप्रणाली पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। जांच एजेंसियां चढ़ावा प्रबंधन में हुई कथित अनियमितताओं की सभी पहलुओं से जांच कर रही हैं।


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