MP Weather Update: मध्यप्रदेश में आज झमाझम बारिश के आसार, कई जिलों में भारी वर्षा और आकाशीय बिजली का अलर्ट
MP Weather Update: मौसम विभाग के अनुसार, सक्रिय मानसूनी तंत्र और बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी के कारण अगले 24 घंटे तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।

MP Weather Update: भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। बुधवार, 15 जुलाई 2026 को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, सक्रिय मानसूनी तंत्र और बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी के कारण अगले 24 घंटे तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है।
इन जिलों में भारी बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, नर्मदापुरम, सागर, रीवा, शहडोल, ग्वालियर, चंबल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, बैतूल, छिंदवाड़ा, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, सिवनी, हरदा, देवास, धार, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर सहित कई जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं। कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज होने की संभावना है।
गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी
बारिश के दौरान कई इलाकों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की गई है।
तापमान में होगी गिरावट
लगातार बारिश के चलते अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज हो सकती है। इससे प्रदेशवासियों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी। सुबह और शाम के समय मौसम सुहावना बना रहेगा।
किसानों के लिए राहत
सक्रिय मानसून खरीफ सीजन की फसलों के लिए लाभदायक साबित हो रहा है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में धान, सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई और बढ़वार के लिए पर्याप्त नमी मिल रही है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने और मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी है।
यात्रियों और आमजन के लिए सलाह
लगातार बारिश को देखते हुए निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। वाहन चालकों को फिसलन भरी सड़कों पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की सलाह दी गई है। वहीं नदी-नालों के उफान के दौरान उन्हें पार करने से बचने और मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है।




