MP News: बीजेपी युवा मोर्चा का बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, 15 जिलों के अध्यक्ष घोषित, 7 जिलों में महामंत्रियों की भी नियुक्ति
MP News: प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर ने जारी की नई टीम, कई जिलों में संगठनात्मक संतुलन साधने के लिए दावेदारों को मिली अहम जिम्मेदारी

भोपाल। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर ने संगठन को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के 15 जिलों के जिला अध्यक्षों की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही 7 जिलों में जिला महामंत्रियों के नाम भी घोषित किए गए हैं। नई नियुक्तियों के साथ संगठन ने उन जिलों में भी संतुलन बनाने की कोशिश की है, जहां जिला अध्यक्ष पद को लेकर कई दावेदारों के बीच जोरदार प्रतिस्पर्धा चल रही थी।
इन जिलों को मिले नए अध्यक्ष
जारी सूची के अनुसार सागर ग्रामीण में आयुष पाण्डेय, हरदा में धर्मेंद्र पाल, सीधी में अजय गुप्ता, टीकमगढ़ में संकल्प जैन, खरगोन में अंकुश जायसवाल, जबलपुर ग्रामीण में पंकज तिवारी, बैतूल में विक्रम वैद्य, झाबुआ में प्रकाश परमार तथा ग्वालियर नगर में शिवम राजावत को जिला अध्यक्ष बनाया गया है।
इसी तरह रतलाम में अनुकूल सोनी, बड़वानी में निशांत पंवार, शहडोल में प्रियं त्रिपाठी, सीहोर में महेंद्र ठाकुर, खंडवा में सागर अरस्तानी और उज्जैन नगर में नितिन सेन को जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
7 जिलों में महामंत्रियों की भी घोषणा
भाजयुमो ने संगठनात्मक समन्वय को ध्यान में रखते हुए सात जिलों में जिला महामंत्रियों की भी नियुक्ति की है। ग्वालियर नगर में गौरव मिश्रा, रतलाम में कृष्णा डिंडोरे, बड़वानी में शिवम मिश्रा, शहडोल में नितिन राणा, सीहोर में हर्षित मेवाड़ा, तथा खंडवा में शुभम पटेल को जिला महामंत्री बनाया गया है। संगठन का मानना है कि इन नियुक्तियों से जिला इकाइयों को मजबूती मिलेगी और युवा कार्यकर्ताओं को नेतृत्व का बेहतर अवसर मिलेगा।
संगठनात्मक संतुलन पर रहा जोर
सूत्रों के अनुसार जिन जिलों में जिला अध्यक्ष पद को लेकर कई मजबूत दावेदार मैदान में थे और संगठन के भीतर प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही थी, वहां अध्यक्ष नहीं बन पाए प्रमुख दावेदारों में से कुछ को जिला महामंत्री की जिम्मेदारी देकर संगठनात्मक संतुलन साधने का प्रयास किया गया है।
आगामी चुनावी तैयारियों पर रहेगा फोकस
भाजयुमो की नई जिला टीमों से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और आगामी चुनावों के मद्देनज़र संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की उम्मीद जताई जा रही है। नई नियुक्तियों के बाद संबंधित जिलों में संगठनात्मक कार्यक्रमों और सदस्यता विस्तार अभियान को भी तेज किए जाने की संभावना है।




