
Latest Weather Update : लगातार पड़ रही गर्मी के बीच अपने देश में मानसून ने दस्तक दे दी है। यह दस्तक अंडमान-निकोबार में सोमवार सुबह आठ बजे के करीब हुई। मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल अंडमान में तय समय से कुछ दिन पहले ही मानसून के बादल टकराए हैं। अनुमान के मुताबिक अगले सात दिनों के भीतर केरल समेत आसपास के इलाकों में बारिश शुरू हो जाएगी। वहीं कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक ही तय समय पर मानसून की सक्रियता समूचे देश में होगी, तो इस बार फसलों की उत्पादकता बढ़ेगी।
Latest Weather Update : उत्तर से लेकर दक्षिण तक तापमान कहर बरपा रहा है। लेकिन इसी बीच राहत की बात यही है कि अंडमान में मानसून ने दस्तक दे दी है। मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि इस रविवार रात को मानसून की दस्तक दक्षिण अंडमान में हो चुकी है। महापात्रा कहते हैं कि मानसून की यह दस्तक वक्त से पहले हुई है। इसमें बंगाल की खाड़ी में दक्षिण के इलाके समेत अंडमान के समूचे हिस्से को अपनी जद में लेने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक इस मानसून का असर यह हुआ है कि दक्षिण के कुछ राज्यों में तेज बारिश के अलावा आंधी तूफान भी आया है।
अंडमान निकोबार में मौसम विभाग के वैज्ञानिक शमशेर आलम बताते हैं कि काले बादलों की सक्रियता का असर दक्षिण के कुछ हिस्सों में दिखना शुरू हुआ है। हालांकि सोमवार सुबह को आठ बजे से कुछ इलाकों में बारिश और तूफान दिखना शुरू हुआ है। विभाग के अनुमान के मुताबिक चूंकि अंडमान में अमूमन 22 मई के आसपास मानसून की सक्रियता दिखनी शुरू हो जाती है। लेकिन इस बार मानसून ने देश में अंडमान और दक्षिण पश्चिम समेत दक्षिण पूर्व के हिस्से में अपनी समय से पहले हाजिरी लगाई है।
मौसम वैज्ञानिक आलोक यादव कहते हैं कि क्योंकि इस बार मानसून ने अंडमान में 19 मई को ही दस्तक दी है। इसलिए केरल में मानसून 31 मई में के आसपास दस्तक दे देगा। वह कहते हैं कि अमूमन अंडमान निकोबार द्वीप के तट पर 22 मई के आसपास दस्तक देता है, लेकिन इस बार यह तीन दिन पहले 19 मई को ही पहुंच गया है। इसलिए अनुमान यही लगाया जा रहा है कि चिलचिलाती गर्मी से देश के बाकी हिस्सों को वक्त पर राहत मिलने शुरू हो जाएगी। हालांकि यादव का कहना है पिछले साल भी 22 मई से पहले अंडमान में मानसून में दस्तक दी थी, लेकिन बदली मौसम की परिस्थितियों के चलते केरल में 9 दिन देरी से मानसून पहुंचा था। वह कहते हैं अभी तक ऐसी कोई भी परिस्थितियां नहीं बन रही हैं जिसमें केवल में मानसून के देरी से पहुंचने की कोई संभावना दिखे।




