Jabalpur News: अद्वितीय पराक्रम और साहस की प्रतिमूर्ति थीं वीरांगना रानी दुर्गावती, जबलपुर में बोले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
Jabalpur News: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और नारी शक्ति की सशक्त प्रतीक थीं।

CM Mohan Yadav in Jabalpur: जबलपुर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीरांगना रानी दुर्गावती के 463वें बलिदान दिवस पर जबलपुर के नर्रई नाला स्थित उनके समाधि स्थल पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने शहीद वीर नारायण की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा गोंड समाज के आराध्य देवता बड़ा देव का पूजन-अर्चन भी किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन कर रानी दुर्गावती के जीवन और उनके योगदान से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और नारी शक्ति की सशक्त प्रतीक थीं। उन्होंने मुगलों के विरुद्ध वीरतापूर्वक संघर्ष कर अपनी मातृभूमि और स्वाभिमान की रक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पति की असमय मृत्यु के बाद उन्होंने अपने पांच वर्षीय पुत्र को सिंहासन पर बैठाकर स्वयं शासन की जिम्मेदारी संभाली और करीब 15 वर्षों तक जनता की सेवा तथा राज्य की सुरक्षा के लिए समर्पित रहीं।
उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती का शासनकाल गोंडवाना साम्राज्य का स्वर्णिम युग माना जाता है। उन्होंने किसानों के हित में बीज संरक्षण, फसल चक्रण और जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्य कराए, जिसके परिणामस्वरूप राज्य समृद्ध और आत्मनिर्भर बना। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भी उनकी नीतियां और कार्यशैली सुशासन का आदर्श प्रस्तुत करती हैं।
जबलपुर एयरपोर्ट का नाम रानी दुर्गावती के नाम पर रखने की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार रानी दुर्गावती की स्मृतियों को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों तक उनके गौरवशाली इतिहास को पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि जबलपुर एयरपोर्ट का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखने के लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
उन्होंने बताया कि जबलपुर में रानी दुर्गावती को समर्पित एक अत्याधुनिक संस्थान लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है, जिसका लोकार्पण शीघ्र किया जाएगा। इसके अलावा उनके नाम पर चिड़ियाघर और वन्य प्राणी रेस्क्यू सेंटर का निर्माण भी किया जा रहा है। वहीं मंडला स्थित 35वीं बटालियन का नाम भी रानी दुर्गावती के नाम पर रखा गया है।
किसानों के लिए सरकार के बड़े फैसले
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और पूरे वर्ष को किसान हितैषी निर्णयों के लिए समर्पित किया गया है। उन्होंने घोषणा की कि अब किसानों को शून्य ब्याज पर लिए गए ऋण को 31 मार्च तक चुकाने की बाध्यता नहीं रहेगी। किसान जिस दिन ऋण लेंगे, उसके एक वर्ष के भीतर भुगतान कर सकेंगे। इस निर्णय से राज्य सरकार पर लगभग 880 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा, जिसे सरकार स्वयं वहन करेगी।
उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण की स्थिति में किसानों को अब चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के माध्यम से कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और अन्य योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है।
जनजातीय समाज और महिला सशक्तिकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उल्लेख करते हुए कहा कि पहली बार जनजातीय समाज की बेटी देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद को सुशोभित कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास” की भावना के साथ कार्य कर रही है। लाड़ली बहना योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है और प्रदेश के विकास के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती के आदर्श और बलिदान सदियों तक समाज को प्रेरित करते रहेंगे तथा प्रदेश सरकार उनके सपनों के अनुरूप जनकल्याण और विकास की दिशा में लगातार कार्य करती रहेगी।




