July 29, 2026 |

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Gold Rate Today: शादियों के सीजन में फिर मंहगा हुआ सोना, जानिए 6 मई का 10 ग्राम का गोल्ड का लेटेस्ट रेट

6 मई 2026 को भारतीय सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई है। 24 कैरेट सोने की कीमत 1,51,440 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गई है।

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Gold-Silver Rate Today: नई दिल्ली। ग्लोबल मार्केट में बढ़ती उथल-पुथल, भू-राजनीतिक समीकरणों और शादियों के सीजन के बीच भारतीय सराफा बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। 6 मई 2026 को भारतीय सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई है। 24 कैरेट सोने की कीमत 1,51,440 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गई है। वहीं, चांदी के दाम 2, 65,000 रुपए के आसपास ट्रेड कर रहे हैं। औद्योगिक मांग और वैश्विक स्तर पर आई मजबूती के चलते चांदी की चमक बढ़ी है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी 1.08 फीसदी बढ़कर 73.51 डॉलर प्रति औंस और सोना मामूली बढ़त के साथ 4,549.57 डॉलर प्रति औंस पर दर्ज किया गया है। डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव सोने की कीमतों पर असर डाल रहा है। अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम होने से सोने पर दबाव है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 98 के पार मजबूत स्थिति में बना हुआ है जिसके कारण भारतीय रुपया दबाव महसूस कर रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है, जबकि डब्लूटीआई क्रूड भी 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है।  चुंकी जब क्रूड महंगा होता है, तो डॉलर की मांग बढ़ती है, जिससे इसकी कीमतों पर असर पड़ता है। हालांकि  डॉलर कमजोर होने से अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों के लिए सोना खरीदना सस्ता हो जाता है, जिससे इसकी कीमत और मांग दोनों बढ़ जाती है लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई का डर बना हुआ है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए अंतिम समझौते पर बातचीत के लिए तैयार हो गए हैं। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में फंसे जहाजों को निकालने में अमेरिकी नौसेना की मदद से जुड़े ‘ऑपरेशन फ्रीडम’ पर अस्थायी रोक लगाने की घोषणा की है। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। बाजार में यह उम्मीद बढ़ी है कि आने वाले दिनों में तनाव कम हो सकता है और तेल की कीमतों में भी और नरमी देखने को मिल सकती है।

जानकारों की मानें तो जब तक वैश्विक स्तर पर राजनीतिक तनाव कम नहीं होता, कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज जैसे रणनीतिक समुद्री रास्तों पर अनिश्चितता बनी रहती है, तब तक सराफा बाजार में उतार-चढ़ाव और असमंजस की स्थिति बनी रहेगी। यही कारण है कि निवेशक बड़ी खरीदारी करने से बच रहे हैं और वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं। मिडिल क्लास भी भारी गहनों के बजाय हल्के वजन के गहनों और पुराने सोने के एक्सचेंज की ओर रुख कर रहे हैं।

अगर आप भी सोना खरीदने की सोच रहे हैं तो BIS हॉलमार्क और HUID कोड की जांच अवश्य करें। ध्यान रखें इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी रेट में GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते, इसलिए अलग-अलग शहरों और शोरूम्स में अंतिम दाम अलग हो सकते हैं। यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है इसे निवेश की सलाह ना मानें। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी प्रकार के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या बाजार विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


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