नई दिल्ली। ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने पार्टी के कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के छह स्टैंजा में से केवल दो स्टैंजा गाने का फैसला किया है। वहीं जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहां सभी छह स्टैंजा का गायन किए जाने की बात सामने आई है। इस फैसले को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगाया है।
गोवा कांग्रेस के कार्यक्रम में दो स्टैंजा का गायन
स्वतंत्रता दिवस के बाद से ही ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है। अब गोवा कांग्रेस के कार्यक्रम में भी विवाद सामने आया, जहां पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मौजूदगी में ‘वंदे मातरम्’ के छह स्टैंजा में से केवल दो स्टैंजा गाए गए। बीजेपी ने इसे राष्ट्रगीत के अपमान से जोड़ते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है।
रविशंकर प्रसाद बोले- कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए
बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस पार्टी के नेता आजादी के आंदोलन की अगुवाई करने का दावा करते हैं, उसी पार्टी का मौजूदा नेतृत्व ‘वंदे मातरम्’ का तिरस्कार करे, इससे दुर्भाग्यपूर्ण बात नहीं हो सकती। उन्होंने कांग्रेस से इस मामले में माफी मांगने की मांग की और कहा कि इस फैसले को उचित ठहराने का कोई कारण नहीं हो सकता।
खरगे ने बीजेपी पर किया पलटवार
इससे पहले 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के पूरे संस्करण के गायन के दौरान सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के इशारे को लेकर बीजेपी ने सवाल उठाए थे। बीजेपी ने इसे राष्ट्रगीत के अपमान का मामला बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा था।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और सोनिया गांधी से इस मामले में देश से माफी मांगने की मांग की थी। इसके जवाब में मल्लिकार्जुन खरगे ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा था कि जब वह पहली बार विधायक बने थे, तब अमित शाह बच्चे थे और अब उन्हें देशभक्ति सिखाई जा रही है। खरगे ने कहा कि बीजेपी के पूर्वजों ने स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया था, इसलिए कांग्रेस को देशभक्ति का पाठ नहीं पढ़ाया जाना चाहिए।
बंकिम चंद्र चटर्जी के वंशज ने जताया दुख
‘वंदे मातरम्’ के रचयिता बंकिम चंद्र चटर्जी के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने भी कांग्रेस मुख्यालय में हुए विवाद को लेकर सोनिया गांधी को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में पूरे घटनाक्रम पर दुख जताते हुए इसे ऐतिहासिक रूप से दुर्भाग्यपूर्ण बताया। सुमित्रो चटर्जी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के पूरे संस्करण के गायन को रोकने के कथित प्रयासों और उससे पैदा हुई नाराजगी ने उन्हें बेहद दुखी किया।
लाल किले पर पहली बार बजा ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान दिल्ली के लाल किले पर भी ‘वंदे मातरम्’ को लेकर विशेष आयोजन हुआ। समारोह में पहली बार राष्ट्रीय गीत का पूरा संस्करण बजाए जाने की बात सामने आई। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत से हुई और इसके बाद राष्ट्रगान हुआ।इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया।
राष्ट्रगीत को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस
‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच विवाद ऐसे समय में बढ़ा है, जब देश स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है। कांग्रेस जहां अपने कार्यक्रमों में दो स्टैंजा के गायन की व्यवस्था की बात कह रही है, वहीं बीजेपी इसे राष्ट्रगीत के सम्मान से जोड़कर कांग्रेस पर लगातार हमला कर रही है। अब इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।




