
मुंबई। Protest against Aurangzeb Tomb: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में स्थित मुगल शासक औरंगजेब की कब्र को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते कुछ दिनों से राजनीतिक नेताओं और संगठनों द्वारा इस कब्र को हटाने की मांग को लेकर तीखे बयान दिए जा रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने कब्र हटाने की मांग तेज करते हुए आज प्रदर्शन करने जा रहा है। इतना ही नहीं पहले विहिप और बजरंग दल ने मुगल शासक के कब्र को तोड़ने की धमकी दी थी। महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र के आस-पास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
औरंगजेब की कब्र पर विपक्ष का बयान
वहीं विपक्ष का इस मुद्दे पर अलग ही रुख है। वे नहीं चाहता कि कब्र हटाई जाए, क्योंकि उन्हें लगता है कि यह छत्रपति शिवाजी महाराज की औरंगजेब पर जीत का प्रतीक है। इसके अलावा, उन्होंने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग द्वारा दिए गए अल्टीमेटम की भी आलोचना की। विपक्ष के अनुसार इससे समाज में तनाव ही पैदा होगा और सरकार से उनके खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
औरंगजेब की कब्र को लेकर उठे विवाद और वीएचपी और बजरंग दल द्वारा इसे हटाने की मांग पर कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अतुल लोंधे पाटिल कहते हैं, “महाराष्ट्र में स्थिति तनावपूर्ण है। कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। किसान बिजली-पानी न मिलने से आत्महत्या कर रहे हैं। बेरोजगारी बढ़ गई है। इन सभी मुद्दों को छिपाने के लिए भाजपा हिंदू-मुस्लिम के नए मुद्दे लेकर आती है। उन्होंने लोगों को पीएफ और पेंशन योजनाओं से हटाकर शेयर बाजार की ओर मोड़ दिया और अब 5 महीने में ही आम आदमी गरीब हो गया है। लोगों का ध्यान मुख्य मुद्दों से हटाने के लिए उन्हें ऐतिहासिक विषयों में उलझाया जा रहा है। लोग इस बार उनके झांसे में आने वाले नहीं हैं। उन्हें असली मुद्दों पर चर्चा करनी होगी।”



