
CG Breaking News: महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बरोंड़ा बाजार स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से सोमवार तड़के 8 नाबालिगों के फरार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि सभी नाबालिग देर रात करीब 2 से 3 बजे के बीच कमरे की खिड़की की लोहे की ग्रील तोड़कर परिसर से बाहर निकल गए। घटना की जानकारी सोमवार सुबह तब हुई, जब संप्रेक्षण गृह के कर्मचारियों ने नियमित उपस्थिति की जांच की। इसके बाद पूरे परिसर में हड़कंप मच गया और तत्काल पुलिस तथा प्रशासन को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी तथा जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और फरार नाबालिगों की तलाश के लिए व्यापक सर्च अभियान शुरू कर दिया।
रात के सन्नाटे में बनाई फरारी की योजना
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फरार हुए नाबालिगों ने पहले से भागने की योजना बनाई थी। देर रात जब अधिकांश कर्मचारी विश्राम पर थे, तब उन्होंने कमरे की खिड़की की ग्रील तोड़ी और परिसर से बाहर निकलने में सफल हो गए।
सुबह कर्मचारियों ने जब बच्चों की गिनती की तो आठ नाबालिग गायब मिले। इसके बाद संप्रेक्षण गृह प्रबंधन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि घटना के समय ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मी कहां थे और निगरानी व्यवस्था में किस स्तर पर चूक हुई।
गंभीर मामलों में निरुद्ध थे कई नाबालिग
जानकारी के अनुसार फरार हुए सभी नाबालिग पिछले चार से पांच महीनों के दौरान अलग-अलग आपराधिक मामलों में बाल संप्रेक्षण गृह भेजे गए थे।
इनमें एक नाबालिग दुष्कर्म के मामले में निरुद्ध था, जबकि दो नाबालिग चोरी के मामलों में बंद थे। इसके अलावा अन्य नाबालिगों पर एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार फरार नाबालिगों का संबंध महासमुंद, सरायपाली, धमतरी और पड़ोसी राज्य ओडिशा के विभिन्न थाना क्षेत्रों से है। इसी कारण पड़ोसी जिलों और ओडिशा पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया है।
पूरे जिले में सर्च ऑपरेशन, सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष नजर
घटना के बाद महासमुंद पुलिस ने जिलेभर में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, प्रमुख चौक-चौराहों और सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
अलग-अलग पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। फरार नाबालिगों की तस्वीरें और जानकारी आसपास के सभी थाना क्षेत्रों को भेज दी गई है, ताकि उनकी जल्द पहचान कर उन्हें सुरक्षित हिरासत में लिया जा सके।
दो साल पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
बरोंड़ा बाजार स्थित बाल संप्रेक्षण गृह पहले भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवालों के घेरे में आ चुका है। करीब दो वर्ष पहले भी यहां से नाबालिगों के फरार होने की घटना सामने आई थी।
एक बार फिर हुई इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर पहले की घटना से क्या सबक लिया गया और सुरक्षा व्यवस्था में क्या सुधार किए गए थे। लगातार दूसरी बार हुई फरारी ने संस्थान की निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
सुरक्षा व्यवस्था की होगी गहन जांच
महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि खिड़की की ग्रील कैसे टूटी, रात में सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी और क्या कर्मचारियों की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही हुई।
यदि जांच में सुरक्षा में चूक या कर्मचारियों की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी की जा रही है।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
फरार नाबालिगों में कुछ गंभीर मामलों में निरुद्ध थे, इसलिए उन्हें जल्द से जल्द तलाशना पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता बन गई है। अधिकारियों का कहना है कि सभी संभावित स्थानों पर तलाश जारी है और जल्द ही फरार नाबालिगों को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर बाल संप्रेक्षण गृहों की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर बहस छेड़ दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों की व्यापक समीक्षा और सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।




