June 3, 2026 |

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साइबर ठगों ने रिटायर्ड कर्मचारी को बनाया डिजिटल बंधक, CBI-IPS अधिकारी बनकर 22 लाख रुपये ठगे

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MP Maihar Cyber ​​Fraud News: मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले में साइबर ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। अमरपाटन थाना क्षेत्र के एक सेवानिवृत्त बुजुर्ग कर्मचारी को ठगों ने खुद को दिल्ली पुलिस, CBI और टेलीकॉम विभाग का अधिकारी बताकर कई दिनों तक मानसिक रूप से बंधक बनाए रखा और 22 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित ने पूरी घटना अपने परिजनों को बताई। पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दिल्ली टेलीकॉम अधिकारी बनकर किया पहला फोन

पुलिस के अनुसार, ग्राम इटमा कोठार निवासी 69 वर्षीय मानेन्द्र सिंह, जो लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) से टाइम कीपर पद से सेवानिवृत्त हैं, को 5 मई 2026 को एक महिला का फोन आया। महिला ने अपना नाम अदिति शर्मा बताते हुए खुद को दिल्ली टेलीकॉम विभाग की अधिकारी बताया और कहा कि उनके नाम पर दिल्ली में संचालित एक बैंक खाते का इस्तेमाल करोड़ों रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुआ है।

गिरफ्तारी वारंट का डर दिखाकर बनाया शिकार

महिला ने बुजुर्ग को धमकाते हुए कहा कि यदि वे दो घंटे के भीतर दिल्ली नहीं पहुंचे तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद उनकी बात कथित IPS अधिकारी सुनील कुमार गौतम और फिर खुद को CBI अधिकारी बताने वाले प्रदीप सिंह से कराई गई, जिन्होंने जांच के नाम पर उन्हें अपने जाल में फंसा लिया।

हर घंटे व्हाट्सएप कॉल कर रखते थे निगरानी

ठगों ने मानेन्द्र सिंह को किसी से भी बातचीत न करने की चेतावनी दी और लगातार व्हाट्सएप कॉल व मैसेज के जरिए संपर्क बनाए रखा। उन्हें “WE ARE SAFE” नामक कोडवर्ड भेजने के लिए मजबूर किया जाता था, ताकि उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। इस मानसिक दबाव के कारण पीड़ित कई दिनों तक तनाव में घर के भीतर ही सीमित रहे।

एफडी तुड़वाकर 22 लाख रुपये कराए ट्रांसफर

जांच के नाम पर ठगों ने पीड़ित से बैंक खातों और फिक्स डिपॉजिट की पूरी जानकारी हासिल कर ली। 18 मई को मानेन्द्र सिंह ने अपनी और पत्नी पुष्पा सिंह के नाम की चार एफडी तुड़वाकर करीब 22.69 लाख रुपये खाते में जमा किए। अगले दिन RBI के नाम से फर्जी पत्र भेजकर रकम सत्यापन का हवाला दिया गया और 22 लाख रुपये RTGS के माध्यम से एक निजी कंपनी के खाते में ट्रांसफर करा लिए गए।

8 लाख और मांगने पर हुआ शक

24 घंटे बाद भी रकम वापस नहीं मिलने पर ठग लगातार संपर्क में बने रहे। 23 मई को उन्होंने संपत्ति सत्यापन के नाम पर 8 लाख रुपये और जमा कराने का दबाव बनाया। यहां तक कि घर के जेवर गिरवी रखने की सलाह भी दी। इसी दौरान पीड़ित को शक हुआ और उन्होंने परिजनों को पूरी बात बताई। परिजनों ने इसे साइबर ठगी बताते हुए तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

तीन आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज

अमरपाटन थाना पुलिस ने अदिति शर्मा, सुनील कुमार गौतम और प्रदीप सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह के निर्देशन में साइबर सेल बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

पुलिस की अपील: किसी भी जांच एजेंसी के नाम पर पैसे न भेजें

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर धनराशि ट्रांसफर करने के निर्देश नहीं देती। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें।


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