June 3, 2026 |

BREAKING NEWS

देशप्रदेशब्रेकिंग

CGPSC भर्ती घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई: पूर्व चेयरमैन टामन सोनवानी समेत 5 ठिकानों पर छापेमारी

Namaskar Madhya Pradesh

Listen to this article

CGPSC Recruitment Scams News: रायपुर/दुर्ग। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में सीबीआई जांच के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को ईडी की टीम ने घोटाले से जुड़े आरोपियों के पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच शुरू की।

पूर्व चेयरमैन, सचिव और अधिकारियों के घर पहुंची ED

जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीम ने पूर्व सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सोनवानी के ग्राम सरबदा स्थित निवास, पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव के भिलाई सेक्टर-10 स्थित घर, पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक के रायपुर स्थित निवास, राज्यपाल के पूर्व सचिव एवं सेवानिवृत्त आईएएस अमृत खलको के भिलाई स्थित तालपुरी आवास तथा आरोपी ललित गणवीर के भाई भूपेंद्र गणवीर के राजनांदगांव स्थित निवास पर दबिश दी।

ईडी अधिकारी परिवार के सदस्यों से पूछताछ करने के साथ-साथ महत्वपूर्ण दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं।

अमृत खलको का नाम भी जांच के घेरे में

पूर्व आईएएस अधिकारी अमृत खलको के बेटे निखिल खलको और बेटी नेहा खलको का चयन डिप्टी कलेक्टर पद पर हुआ था। भर्ती घोटाले में नाम सामने आने के बाद अमृत खलको को राज्यपाल सचिवालय में संविदा पद से हटाया गया था। वे पहले बालोद कलेक्टर, बस्तर कमिश्नर और समाज कल्याण विभाग सहित कई अहम पदों पर रह चुके हैं।

2020-22 भर्ती प्रक्रिया में सामने आई थीं अनियमितताएं

सीजीपीएससी भर्ती घोटाला वर्ष 2020 से 2022 के बीच आयोजित भर्ती परीक्षाओं और साक्षात्कार प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों और परिचितों को लाभ पहुंचाने के लिए योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी की गई। डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत कई प्रतिष्ठित पदों पर चयन को लेकर सवाल उठे थे।

सीबीआई जांच में हुए कई बड़े खुलासे

राज्य सरकार ने जुलाई 2023 में मामले की जांच सीबीआई को सौंपी थी। जांच में आरोप सामने आए कि तत्कालीन अध्यक्ष टामन सोनवानी ने नियमों में बदलाव कर अपने रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाया। प्रश्नपत्र लीक कराने और चयन प्रक्रिया में हेरफेर के आरोप भी जांच में सामने आए हैं।

पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव, आरती वासनिक और उप नियंत्रक ललित गणवीर समेत कई अधिकारियों पर पद के दुरुपयोग के आरोप लगे हैं। फिलहाल मामले के कई आरोपी रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं, जबकि कुछ को जमानत मिल चुकी है।

मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच करेगी ED

सीबीआई की कार्रवाई के बाद अब ईडी भर्ती घोटाले से जुड़े आर्थिक लेन-देन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मामले में कई नए खुलासे कर सकते हैं।


Namaskar Madhya Pradesh

Related Articles