
पाकिस्तान के लेग-स्पिनर अबरार अहमद को खरीदने के चलते सनराइजर्स फ्रेंचाइजी विवादों में फंस गई है. कई भारतीय फैन्स ने फ्रेंचाइजी की सीईओ काव्या मारन की आलोचना करते हुए कहा कि सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी खिलाड़ी को साइन कर ‘राष्ट्रीय भावना’ के खिलाफ कदम उठाया है.
इंग्लैंड की फ्रेंचाइजी लीग द हंड्रेड (The Hundred) में प्लेयर्स की नीलामी में पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को सनराइजर्स लीड्स ने 1.90 लाख पाउंड (लगभग 2.34 करोड़ रुपये) में अपनी टीम से जोड़ा. सनराइजर्स लीड्स का मालिकाना हक सन ग्रुप के पास है, ऐसे में इस फैसले को लेकर भारत में बहस छिड़ गई. 12 मार्च (गुरुवार) को लंदन में हुई नीलामी के दौरान सनरइजर्स की सीईओ काव्या मारन भी मौजूद थीं. अब पाकिस्तानी क्रिकेटर को खरीदने के बाद काव्या आलोचकों के निशाने पर हैं.
हालांकि भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने साफ कर दिया कि यह मामला बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता. अब अबरार अहमद के लिए एक नई मुश्किल सामने आ सकती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) मिलना मुश्किल हो सकता है.
क्या अबरार को पीसीबी देगा एनओसी?
दरअसल, पाकिस्तानी टीम जुलाई-अगस्त में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलने वाली है.दो मैचों की यह टेस्ट सीरीज 15 जुलाई से 7 अगस्त तक खेली जाएगी, जबकि द हंड्रेड टूर्नामेंट 21 जुलाई से 16 अगस्त तक चलेगा.ऐसे में पीसीबी टीम की जरूरत को देखते हुए अबरार अहमद को एनओसी देने से मना कर सकता है.




