July 30, 2026 |

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MP News: कर्ज के बोझ तले दबती जा रही मोहन सरकार, अब फिर लेगी 2800 करोड़ का लोन, मध्यप्रदेश पर कुल देनदारी 5 लाख करोड़ के पार

MP Latest News: मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार एक बार फिर बाजार से 2800 करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है।

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MP Latest News: भोपाल। मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार एक बार फिर बाजार से 2800 करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है। इसके लिए वित्त विभाग ने मंगलवार को राज्य विकास ऋण (State Government Securities-SGS) के माध्यम से दो चरणों में बॉन्ड जारी करने की अधिसूचना जारी कर दी है। इस नई उधारी के बाद चालू वित्त वर्ष में सरकार द्वारा लिया गया कुल कर्ज बढ़कर 13,800 करोड़ रुपए हो जाएगा, जबकि प्रदेश पर कुल देनदारी करीब 5 लाख 2 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है।

दो चरणों में जुटाए जाएंगे 2800 करोड़ रुपए

वित्त विभाग के अनुसार सरकार 1600 करोड़ रुपए और 1200 करोड़ रुपए के दो अलग-अलग बॉन्ड जारी करेगी। इसके तहत 7.64 प्रतिशत ब्याज दर वाले मध्यप्रदेश एसजीएस-2034 के री-इश्यू के जरिए 1600 करोड़ रुपए जुटाए जाएंगे। इस ऋण की अवधि 8 वर्ष होगी और इसके ब्याज का भुगतान हर वर्ष 29 अप्रैल और 29 अक्टूबर को किया जाएगा।

वहीं, 7.83 प्रतिशत ब्याज दर वाले मध्यप्रदेश एसजीएस-2048 के जरिए 1200 करोड़ रुपए का कर्ज लिया जाएगा। इस बॉन्ड की अवधि 22 वर्ष निर्धारित की गई है। दोनों बॉन्ड की नीलामी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ई-कुबेर प्रणाली के माध्यम से कराई जाएगी।

विकास और अधोसंरचना परियोजनाओं पर खर्च होगी राशि

राज्य सरकार का कहना है कि बॉन्ड से जुटाई जाने वाली राशि का उपयोग प्रदेश में विभिन्न विकास और अधोसंरचना परियोजनाओं के लिए किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार से आवश्यक स्वीकृति भी प्राप्त कर ली गई है।

विशेषज्ञों के मुताबिक इस राशि का उपयोग सड़क निर्माण, सिंचाई परियोजनाओं, बिजली आपूर्ति व्यवस्था, जल संसाधन विकास, संचार सुविधाओं और अन्य सार्वजनिक विकास कार्यों पर किया जा सकता है। सरकार का दावा है कि पूंजीगत निवेश बढ़ाने के लिए इस तरह की उधारी जरूरी है, जिससे प्रदेश के विकास को गति मिल सके।

मार्च 2026 तक 4.88 लाख करोड़ से अधिक था कर्ज

वित्तीय दस्तावेजों के अनुसार 31 मार्च 2026 तक मध्यप्रदेश पर कुल 4.88 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज था। सरकार का कहना है कि अब तक लिए गए ऋण का उपयोग सिंचाई, ऊर्जा, सहकारी संस्थाओं और विभिन्न पूंजीगत विकास कार्यों में किया गया है।

अब 2800 करोड़ रुपए के नए कर्ज के बाद राज्य का कुल ऋण बढ़कर लगभग 5.02 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा। इससे प्रदेश की वित्तीय स्थिति और ऋण प्रबंधन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

चालू वित्त वर्ष में 13,800 करोड़ का कर्ज

वित्त विभाग के आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष में अब तक राज्य सरकार 13,800 करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि राज्यों के लिए बाजार से ऋण लेना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन बढ़ते कर्ज के साथ राजस्व बढ़ाने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की चुनौती भी बढ़ती जाती है।

सरकार का कहना है कि उधार ली गई राशि का उपयोग केवल उत्पादक और विकासोन्मुखी परियोजनाओं में किया जाएगा, ताकि भविष्य में आर्थिक गतिविधियों और राजस्व में वृद्धि के माध्यम से ऋण भार को संतुलित किया जा सके।


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