September 20, 2026 |

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Bhopal News: जातिवाद और छुआछूत हिंदू समाज पर कलंक, बदलाव की शुरुआत घर से करनी होगी- दत्तात्रेय होसबाले

लाल परेड ग्राउंड में RSS के स्वयंसेवक एकत्रीकरण में सरकार्यवाह ने सामाजिक समरसता, सेवा, राष्ट्रभक्ति और पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर

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भोपाल: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने रविवार को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित स्वयंसेवक एकत्रीकरण को संबोधित करते हुए जातिवाद और छुआछूत को हिंदू समाज पर कलंक बताया। उन्होंने कहा कि जाति के नाम पर होने वाला भेदभाव समाज को कमजोर करता है और इसे खत्म करने की शुरुआत कानून या केवल उपदेशों से नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के अपने घर और व्यवहार से होनी चाहिए।

जातिभेद खत्म करने का संकल्प लेने की अपील

होसबाले ने कहा कि समाज को संकल्प लेना होगा कि जाति के आधार पर किसी से भेदभाव नहीं किया जाएगा और छुआछूत का कोई स्थान नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि जाति, पंथ, भाषा और प्रांत के आधार पर समाज में अलगाव की भावना संगठन की शक्ति को कमजोर करती है। सभी वर्गों को मिलकर समाज को जागृत और संगठित करने की दिशा में काम करना होगा।

जागृत और संगठित समाज ही देश को आगे बढ़ाएगा

उन्होंने कहा कि समाज के सामने आने वाली समस्याएं किसी एक वर्ग या बिरादरी की नहीं हैं, बल्कि सभी की साझा जिम्मेदारी हैं। अलग-अलग रहने पर शक्ति कमजोर होती है, जबकि एकजुट होकर काम करने से समाज अधिक प्रभावी बनता है। उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों के नेतृत्वकर्ताओं से मिलकर सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए आगे आने का आह्वान किया।

देशभक्ति को रोजमर्रा के जीवन से जोड़ने पर जोर

होसबाले ने कहा कि देशभक्ति केवल 26 जनवरी या किसी विशेष दिन तक सीमित रहने वाला भाव नहीं है, बल्कि यह 24 घंटे की जिम्मेदारी होनी चाहिए। प्रत्येक नागरिक को अपने गांव, मोहल्ले और समाज के लिए राष्ट्रहित में अपनी भूमिका पर विचार करना चाहिए। उन्होंने समाज को संगठित करने के लिए नियमित रूप से लोगों के साथ जुड़ने और स्थानीय समस्याओं के समाधान में भागीदारी की बात कही।

संकट के समय समाज के हर व्यक्ति को आगे आने की अपील

उन्होंने सेवा कार्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि संकट के समय केवल स्वयंसेवकों की ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। गांव और बस्ती के विकास की जिम्मेदारी केवल शासन-प्रशासन की नहीं है, बल्कि वहां रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति का भी दायित्व है।

पर्यावरण संरक्षण को व्यवहार में उतारने की जरूरत

होसबाले ने पर्यावरण संरक्षण को भी दैनिक जीवन से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल प्रस्ताव पारित करने से पर्यावरण की रक्षा नहीं होगी। घर, स्कूल, बाजार और कार्यस्थल पर ऊर्जा की बचत, पौधारोपण और नदियों की स्वच्छता जैसे प्रयासों को व्यवहार का हिस्सा बनाना होगा।

भारत हर संकट के बाद उठकर खड़ा हुआ

RSS सरकार्यवाह ने कहा कि भारत की हजारों वर्षों की सभ्यतागत यात्रा में अनेक संकट और संघर्ष आए, लेकिन देश हर चुनौती के बाद मजबूती से खड़ा हुआ। उन्होंने कहा कि समस्याओं का आना महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि उनका सामना करने का सामर्थ्य समाज में होना जरूरी है।

संघ के कार्य को बताया निरंतर चलने वाली प्रक्रिया

होसबाले ने कहा कि भारत विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है और दुनिया में उसका सम्मान बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि समाज का संगठन और व्यक्ति के चरित्र निर्माण का कार्य निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। संघ के शताब्दी वर्ष के आयोजन में सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, सेवा और नागरिक कर्तव्य जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया।


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