September 14, 2026 |

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Bhopal News: भोपाल में व्यावसायिक प्रशिक्षकों का अनिश्चितकालीन धरना, 10 साल की सेवा के बाद भी नहीं मिली नौकरी की सुरक्षा

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Bhopal News: भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को रोजगारपरक और कौशल आधारित शिक्षा देने वाले हजारों व्यावसायिक प्रशिक्षक (Vocational Trainers) अपने अधिकारों की मांग को लेकर अब सड़क पर उतर आए हैं। नवीन व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षक महासंघ के बैनर तले सोमवार से राजधानी भोपाल के आंबेडकर पार्क में प्रदेशभर से पहुंचे प्रशिक्षकों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। आंदोलनकारियों का कहना है कि पिछले 10 वर्षों से लगातार सेवाएं देने के बावजूद उन्हें न स्थायी नौकरी मिली, न सम्मानजनक वेतन और न ही सामाजिक सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

10 साल से सेवा, फिर भी नहीं मिली स्थिर नौकरी

धरने में शामिल प्रशिक्षकों ने बताया कि वे केंद्र सरकार की स्किल इंडिया योजना के तहत सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को विभिन्न व्यावसायिक विषयों का प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार करते हैं। इसके बावजूद उनकी अपनी नौकरी हर साल टेंडर प्रक्रिया पर निर्भर रहती है। उनका आरोप है कि कई बार बिना किसी लिखित आदेश के केवल व्हाट्सएप संदेश भेजकर सेवा समाप्त कर दी जाती है, जिससे उनके भविष्य पर हमेशा अनिश्चितता बनी रहती है।

कई महीनों तक नहीं मिलता वेतन, आर्थिक संकट से जूझ रहे प्रशिक्षक

महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षकों को कई-कई महीनों तक वेतन का इंतजार करना पड़ता है। वर्तमान में उन्हें केवल 20 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है, जो बढ़ती महंगाई के मुकाबले बेहद कम है। उनका कहना है कि भारत सरकार पूरे 12 महीने का बजट जारी करती है, लेकिन मध्य प्रदेश में प्रशिक्षकों से केवल 10 महीने ही काम लिया जाता है। उन्होंने अन्य राज्यों की तरह बेहतर वेतन और हर वर्ष 5 से 10 प्रतिशत वार्षिक वेतनवृद्धि लागू करने की मांग की है।

महिला प्रशिक्षकों ने उठाई मातृत्व अवकाश की मांग

धरने में बड़ी संख्या में महिला व्यावसायिक प्रशिक्षक भी शामिल हुईं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 6 हजार महिला प्रशिक्षक कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें मातृत्व अवकाश जैसी बुनियादी सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। कई महिलाओं ने कहा कि गर्भावस्था और ऑपरेशन जैसी परिस्थितियों में भी नौकरी बचाने के लिए काम करना पड़ता है। उनका कहना है कि सरकार से वे कोई विशेष सुविधा नहीं, बल्कि अपने वैधानिक अधिकारों की मांग कर रही हैं।

आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें

व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखी हैं। इनमें पूरे 12 महीने की सेवा, स्थायी जॉब सिक्योरिटी, सम्मानजनक वेतन, हर वर्ष 5 से 10 प्रतिशत वेतनवृद्धि, आकस्मिक अवकाश, मेडिकल लीव, सवैतनिक मातृत्व अवकाश और समस्याओं के समाधान के लिए स्थायी विभागीय समिति का गठन शामिल है।

सरकार को कई बार सौंपा ज्ञापन, अब आंदोलन का रास्ता

प्रशिक्षकों का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री और विभागीय अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपे, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक भोपाल के आंबेडकर पार्क में उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। आंदोलनकारियों ने सरकार से जल्द वार्ता कर उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।


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