June 6, 2026 |

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बालोद में जमीन धोखाधड़ी का बड़ा खुलासा, फर्जी ऋण पुस्तिका बनाकर 15 लाख में किया सौदा, एक आरोपी गिरफ्तार

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CG News: बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में जमीन धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर दूसरे की जमीन बेचने की साजिश का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक ग्रामीण की जमीन की फर्जी ऋण पुस्तिका बनाकर उसे 15 लाख रुपये में बेचने का सौदा कर लिया था और खरीदार से 1.50 लाख रुपये एडवांस भी ले लिया था।

फर्जी दस्तावेज बनाकर किया जमीन का सौदा

पुलिस के अनुसार लाटाबोड़ गांव निवासी डोमेंद्र कुमार के नाम पर 1 एकड़ 60 डिसमिल जमीन दर्ज है। आरोप है कि नरेंद्र बहादुर सोनी और हरिशंकर गजभिए ने मिलकर इस जमीन की फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर ली और खुद को जमीन का मालिक बताकर उसका सौदा करने लगे।

दोनों आरोपियों ने उक्त जमीन को कमला वर्मा नामक महिला को 15 लाख रुपये में बेचने की बात तय की और सौदा पक्का करने के नाम पर उनसे 1 लाख 50 हजार रुपये एडवांस भी ले लिए।

शक होने पर खुला फर्जीवाड़े का राज

कुछ समय बाद कमला वर्मा को जमीन से संबंधित दस्तावेजों और सौदे पर संदेह हुआ। उन्होंने जब कागजातों की जांच कराई तो पता चला कि प्रस्तुत की गई ऋण पुस्तिका पूरी तरह फर्जी है। जांच में यह भी सामने आया कि जमीन का वास्तविक मालिक डोमेंद्र कुमार है और उसे इस पूरे सौदे की कोई जानकारी नहीं थी।

मामले का खुलासा होने के बाद इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई।

पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई

शिकायत मिलते ही बालोद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपियों में शामिल नरेंद्र बहादुर सोनी (40 वर्ष) निवासी ग्राम खैरतराई को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी भेजा गया जेल

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले में अन्य साक्ष्य भी जुटा रही है।

फरार आरोपी की तलाश जारी

इस मामले का दूसरा आरोपी हरिशंकर गजभिए फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

पुलिस ने जमीन खरीदने-बेचने से पहले दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करने और राजस्व रिकॉर्ड का सत्यापन कराने की अपील की है, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके। मामले की आगे जांच जारी है।


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